ज्योति क्लब की ओर से आयोजित रामलीला के छठवें दिन सीता हरण का मंचन हुआ। पंचवटी में लंकापति रावण की बहन सूर्पणखा द्वारा राम और लक्ष्मण के सम्मुख विवाह का प्रस्ताव रखा जाता है। सूर्पणखा के शादी के लिए जिद्द करने पर लक्ष्मण उसकी नाक काट देता है। सूर्पणखा रोती, बिलखती अपने भाई खर और दूषण के पास जाती है, जिसे सुनकर दोनों भाई अपनी बहन के अपमान का बदला देने के लिए राम और लक्ष्मण से युद्ध करते हैं। और श्रीराम दोनों का वध कर देते हैं। रावण को जब यह बात पता चलती है तो वह मदद के लिए पाताल लोक में तपस्या में लीन मामा मारीच से मिलने जाता है। रावण मारीच को स्वर्ण मृग का रुप धारण कर वन में सीता का ध्यान आकर्षित करने को कहता है। इसके बाद रावण साधु वेष धारण कर सीता का हरण कर लेता है। रामलीला मंचन का शुभारंभ विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय के चिकित्सक डा. मुकेश उनियाल ने किया। इस मौके पर राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके डिमरी, राजवीर सती, अतुल शाह, भगवन, कुलवीर बिष्ट, कुमुद शाह, मयंक राणा, भोलू, नितिन शाह, प्रमोद शाह, दीपक राणा, समीर शाह, राहुल भट्ट आदि मौजूद थे।
श्रीराम की जयकारों से गूंजा पांडाल
रुद्रप्रयाग। माता सीता व भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष वर्ष का वनवास पूरा अयोध्या लौटे भगवान श्रीराम का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पूरा रामलीला पांडाल श्रीराम की जयकारों से गूंज उठा। जिला मुख्यालय स्थित अपर बाजार में आयोजित रामलीला का श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ समापन भी हो गया है। मौके पर आयोजन समिति द्वारा रामलीला में अभिनय करने वाले पात्रों व कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया है।
श्रीराम 14 वर्ष वर्ष के वनवास के बाद जगत जननी सीता व छोटे भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटते हैं। उनके साथ पवनपुत्र हनुमान व वानरराज सुग्रीव व रीछराज जामवंत भी होते हैं। यहां पर महारानी कौशल्या, कैकेयी व सुमित्रा के साथ भरत व शत्रुघ्न और समस्त राजमहल के पदाधिकारी व जनता उनका भव्य स्वागत करती है। इसके बाद कुलगुरू वशिष्ठ के दिशा-निर्देशन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का राज्याभिषेक कर उन्हें अयोध्या की राजगद्दी पर बिठाया जाता है। इस मौके पर पूरा पांडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीपांशु भट्ट ने सफल आयोजन के लिए स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर श्याम लाल सुंदरियाल, जितेंद्र खन्ना, चंद्रशेखर चौधरी, दीपक नौटियाल, अशोक नौटियाल, विवेक खन्ना, आशीष नौटियाल समेत अन्य मौजूद थे।