आदिबदरी/नंदासैंण/जिलासू। आदिबदरी, नंदासैंण और जिलासू क्षेत्रों में लंगूरों और बंदरों के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं। इन जानवरों ने आम, आड़ू और खुमानी सहित अन्य फलों की आधी से अधिक फसल नष्ट कर दी है। आदिबदरी के ढमकर, नगली, भलसों, जुलगढ़, हरगांव और खाल कुमखोड़ी जैसे गांवों में फल की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। जुलगढ़ के जोध सिंह नेगी ने बताया कि उनके बाग में आम की अच्छी फसल थी मगर लंगूरों ने उसे पूरी तरह बरबाद कर दिया। लंगूर फल खाने के साथ टहनियां तोड़कर पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से लंगूरों को पकड़ने की मांग की। वहीं नंदासैंण के नौटी, जाख और पुड़ियाणी में भी बंदरों के उत्पात से ग्रामीण परेशान हैं। जिलासू, गिरसा, लंगासू, ग्वाड़, बणसोली और चमाली समेत कई अन्य स्थानों पर भी फसलों को नुकसान हो रहा है। संवाद
धर्मशाला के पुनर्निर्माण की मांग
कर्णप्रयाग। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बाबा काली कमली धर्मशाला के पुनर्निर्माण की मांग की। उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में पूर्व पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला ने कहा कि अपर बाजार कर्णप्रयाग में 1918 में धर्मशाला का निर्माण किया गया था। चारधाम यात्रा के दौरान यात्री यहां आकर रुकते थे और अपनी थकान मिटाते थे। मगर ट्रस्ट की अनदेखी और लापरवाही के कारण यह अब खतरा बना हुआ है। धर्मशाला जहां जर्जर स्थिति में है और दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने जल्द कमली धर्मशाला के पुनर्निर्माण की मांग की। संवाद