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सड़कें बंद होने से आठ किलोमीटर पैदल चल रहे ग्रामीण

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बदरीनाथ हाईवे पर क्षेत्रपाल में बोल्डर और मलबे को हटाती एनएच की जेसीबी मशीन। - फोटो : GOPESHWAR
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जिले में भूस्खलन से अभी भी 21 संपर्क मार्ग अवरुद्ध पड़े हुए हैं। बिरही-निजमूला सड़क पिछले 17 दिनों से बंद होने से पाणा, ईराणी, पगना और झींझी गांव के ग्रामीणों को करीब आठ किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। रामणी से झींझी गांव को जोड़ने वाली लार्ड कर्जन रोड के अवरुद्ध होने से पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां झींझीं गांव के पास लेडाल गदेरे में आरसीसी पुलिया क्षतिग्रस्त पड़ी है।
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जिले में घाट-कुरुड़, गोपेश्वर-हापला, कलसिर-धोतीधार सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले 21 संपर्क मार्ग भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं। झींझी गांव के राजे सिंह नेगी और संग्राम सिंह ने बताया कि बिरही-निजमूला मोटर मार्ग पगना, पठेला, बेगड़ा और गाड़ी गांव के समीप अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को बिरही तक पहुंचने के लिए करीब आठ किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। रामणी गांव के सूरज पंवार का कहना है कि घाट-कुरुड़ और घाट-रामणी मोटर मार्ग जगह-जगह अवरुद्घ होने से ग्रामीणों को मीलों पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। कई बार लोनिवि के अधिकारियों को अवगत कराने पर भी सड़कों को सुचारु नहीं किया जा रहा है। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि बार-बार हो रही बारिश से सड़कों को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। भूस्खलन क्षेत्रों में जेसीबी तैनात हैं। सड़कों को युद्घस्तर पर खुलवाया जा रहा है।
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