कथावाचक बाल व्यास आचार्य सुमति सिलोड़ी ने नाराणबगड़ में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन प्रवचन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता के प्रसंगों को सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि मित्रता में त्याग की भावना निहित होनी चाहिए। उन्होंने लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने को कहा। इस मौके पर डॉ. हरपाल नेगी, कृपाल नेगी, सिद्घार्थ नेगी, भीम शंकर नेगी, सुलोचना, कमला नेगी, अंजलि, सरोजनी रावत, शकुंतला देवी आदि मौजूद रहे।