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Chamoli News: हाईवे पर चटवापीपल में भूस्खलन जोन का नहीं हुआ ट्रीटमेंट

Sun, 22 Dec 2024 06:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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तीन माह बाद भी पहाड़ी से रिस रहा पानी, बने हैं गड्ढे
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संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में तीन माह बाद भी एनएचआईडीसीएल भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट नहीं कर पाया है। भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे किनारे मलबा जमा है जबकि हाईवे पर गड्ढे बने हैं। पहाड़ी से लगातार पानी रिस कर हाईवे पर आ रहा है। लोगों को यहां से आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग-गौचर के बीच चटवापीपल में बीते सिंतबर माह में पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ। मगर भूस्खलन के तीन माह बाद भी एनएचआईडीसीएल की ओर से भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट नहीं किया गया। व्यापारी राकेश कंडवाल, उपप्रमुख प्रदीप चौहान ने कहा कि भूस्खलन क्षेत्र में हाईवे पर बने गड्ढों पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी है। कई बार दोपहिया वाहन सवार यहां गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने जल्द हाईवे से मलबा हटाने और भूस्खलन जोन का स्थायी ट्रीटमेंट करने की मांग की है। वहीं एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि हाईवे को सही किया गया था लेकिन फिर से हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया है। एनएचआईडीसीएल के उच्च अधिकारियों से वार्ता करके भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए उचित रास्ता निकाला जाएगा।
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छह से अधिक गांवों को जोड़ने वाला सेरा-विजयपुर-तलवाड़ी मार्ग खस्ताहाल

थराली। छह से अधिक गांवों को जोड़ने वाले ब्लॉक के सेरा विजयपुर-तलवाड़ी मार्ग की स्थिति खस्ताहाल बनी है। यहां आवाजाही में खतरा बना है। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर जल्द मार्ग के सुधारीकरण की मांग की।
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निवर्तमान प्रधान प्रेमबल्लभ शर्मा, उप प्रधान राकेश जोशी, कैलाश चंद्र, संतोष देवराड़ी, जगदीश प्रसाद कुंदन सिंह आदि ने कहा कि सेरा विजयपुर-तलवाड़ी मार्ग सेरा, विजयपुर, बागाखेत, लोढ़ा, तलवाड़ी खालसा गांवों को हाईवे से जोड़ता है लेकिन कार्यदायी संस्था एनपीसीसी की लापरवाही के कारण मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। जबकि कई स्थानों पर सड़क के पुश्ते धंस गए हैं। कहा कि बरसात में यह मार्ग बागाखेत और पंतनगरी के पास क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद एनपीसीसी ने जेसीबी से मिट्टी डालकर अस्थायी रूप से मार्ग खोला था लेकिन अभी तक दीवारों का निर्माण नहीं किया गया है। कहा कि एनपीसीसी के अधिकारी अब फोन ही नहीं उठा रहे हैं। वहीं एनपीसीसी थराली के प्रभारी अधिशासी अभियंता नरेंद्र टोंकियाल का कहना है कि आपदा के तहत दीवार निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए इस्टीमेट शासन को भेजा है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। संवाद
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