रात में बाइक से भीमतला गांव पहुंचे मैदानी क्षेत्र के 20 से अधिक मजदूरों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से यहां किसी को नहीं आने दिया जाएगा। ग्रामीणों के न मानने पर नगर पालिका और पुलिस को मजदूरों को गांव से दूर दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा।
कोरोना संक्रमण के कारण गांवों में ग्रामीण पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में घुसने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सोमवार रात को 20 से अधिक मजदूर सहारनपुर, बिजनौर व अन्य मैदानी क्षेत्रों से आकर भीमतला गांव में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि ये मजदूर बदरीनाथ हाईवे पर चल रहे ऑलवेदर परियोजना के कार्य के लिए यहां पहुंचे थे। लॉकडाउन से पहले वे भीमतला में ही रह रहे थे लेकिन काम न मिलने पर घरों को लौट गए थे। मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों को गांव में मजदूरों के पहुंचने की भनक लगी तो उन्होंने मजदूरों का विरोध करना शुरू कर दिया। सूचना पर नगर पालिका और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि विरोध न करें लेकिन वे नहीं माने। चमोली कोतवाली के एसआई शिव दत्त जमलोकी ने बताया कि ऐसे में मजदूरों को ट्रक में बैठाकर गांव से दूसरी जगह पर शिफ्ट करना पड़ा। तब जाकर मामला शांत हुआ।