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Chamoli News: योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में विराजमान हुए कुबेर और उद्धव

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आज नृसिंह मंदिर में पहुंचेगी आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी



पांडुकेश्वर में श्रद्धालुओं ने किया देव डोलियों का स्वागत






बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद सोमवार को कुबेर और उद्धव जी योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में विराजमान हो गए हैं। इस दौरान गढ़वाल स्काउट के बैंड धुुन के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी), धर्माधिकारी, वेदपाठी और हक-हकूकधारी भी पांडुकेश्वर पहुंच गए हैं। मंगलवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी ज्योतिर्मठ के नृसिंह मंदिर में विराजमान हो जाएगी।

सोमवार को सुबह 10 बजे कुबेर जी की उत्सव डोली बामणी गांव से तथा उद्धव जी व आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम से पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुई। छह माह तक बदरीनाथ धाम और बामणी गांव में रह रहे सैकड़ों हक-हकूकधारी भी अपराह्न एक बजे पांडुकेश्वर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं ने देव डोलियों का फूल मालाओं से स्वागत किया। महिला मंगल दल पांडुकेश्वर की महिलाओं ने भजन कीर्तन किया और मांगल गीत गाए। अपराह्न डेढ़ बजे कुबेर और उद्धव जी की प्रतिमा को योग बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में स्थापित कर दिया गया। रावल अमरनाथ नंबूदरी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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इस मौके पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, राजदीप मेहता, जसवीर मेहता, अनूप भंडारी, दीपक सनवाल, अभिषेक पंवार, ग्राम प्रधान बबीता पंवार, बीना पंवार आदि मौजूद रहे।
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