- आलू का उन्नत प्रजाति का बीज व बेहतर गुणवत्ता वाली सेब की पौध होगी उपलब्ध
ज्योतिर्मठ। दो दशक से बंजर पड़ा कोठी फार्म फिर से आबाद किया जा रहा है। उद्यान विभाग की ओर से यहां नर्सरी तैयार की जा रही है। इसमें आलू के बीज, सेब व अमेश सहित अन्य पौध तैयार कर काश्तकारों को वितरित की जाएगी। नर्सरी में सिंचाई के लिए पाइप लाइन भी बिछाई गई है। औली के पास कोठी फार्म में उद्यान विभाग की नर्सरी हुआ करती थी व विभाग यहां पर आलू के बीज तैयार कर काश्तकारों को वितरित करते थे। पिछले 20 सालों से उद्यान विभाग ने इस जमीन पर कोई काम नहीं किया। ऐसे में यह क्षेत्र पूरी तरह बंजर हो गया। यहां उद्यान विभाग का जो भवन है वह भी जर्जर हो गया। अब विभाग ने इस जमीन को फिर से आबाद करने का काम शुरू कर दिया है। यहां पर विभाग की ओर से आलू के बीज, सेब व अमेश की पौध तैयार की जा रही हैं। इससे स्थानीय काश्तकारों को आलू का उन्नत प्रजाति का बीज वहीं पर उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही बेहतर गुणवत्ता की सेब की पौध भी उपलब्ध हो पाएगी।
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कोठी फार्म में नर्सरी तैयार की जा रही है। यहां आलू का उत्पादन, 10 हजार सेब की पौध व अमेश की पौध तैयार की जाएगी। जर्जर भवन को सुधार दिया गया है। दो किमी दूर से पेयजल लाइन बिछायी गयी है। स्थानीय काश्तकारों को यहां उत्पादित आलू व सेब व अमेश की पौध वितरित की जाएगी।
- नीतेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, गोपेश्वर, चमोली