तहसील गैरसैंण के कोठार गांव के ग्रामीणों ने बिजली का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर अपने कंधों पर लादकर ऊर्जा निगम को आईना दिखाया। गांव की महिलाओं और पुरूषों ने करीब तीन कुंतल के ट्रांसफार्मर को धुनारघाट कंट्रोल रूम से गांव तक पहुंचाकर दीपावली से पहले अपने घरों को जगमग किया।
कोठार गांव में कई दिन पहले बिजली का ट्रांसफार्मर फूंक गया था और ग्रामीण ऊर्जा निगम के अधिकारियों से गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने की याचना कर रहे थे। लेकिन विभाग ने जब उनकी नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद गांव तक ट्रांसफार्मर पहुंचाने की ठानी। इसके बाद ग्रामीण ऊर्जा निगम के दफ्तर में गये और अधिकारियों से दीपावली से पहले गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग करने लगे। ग्रामीणों ने बताया कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ट्रांसफार्मर ले जाने के लिए कर्मचारियों की कमी का बहाना बताकर टालने लगे। इस पर ग्रामीणों ने तुरंत ऊर्जा निगम के दफ्तर में आपस में बातचीत की और फोन करके गांव से रस्सियां मंगाकर खुद ट्रांसफार्मर ले जाने का मन बनाया। फिर गांव के सभी महिलाएं व पुरूष आये और मजबूत डंडों के सहारे पूरे जोश के साथ ऊर्जा निगम के अधिकारियों की अगुवाई में गांव तक तीन कुंतल का ट्रांसफार्मर ले गये और रस्सियों के सहारे ट्रांसफार्मर को पोल पर चढ़ाया और उसके बाद गांव में बिजली की आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान जमुना देवी, सुरेश चंद्र, मीनाक्षी देवी, केशर सिंह, सोंरी देवी, यशोदा देवी, मीना देवी, सरिता देवी, सुरेंद्र सिंह, प्रेम सिंह , दान सिंह , रघुवीर सिंह, गब्बर सिंह, शकुंतला देवी, भागा देवी, गुड्डी देवी आदि थे।
इंसेंट---
उर्जा निगम के अवर अभियंता सीएस बुटोला ने कहा कि कोठार गांव के लोगों ने जो हिम्मत दिखाई वह काबिले तारीफ है। गांव में तुरंत नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। उन्होंने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफर्मर खराब होने के बाद उसे बदलने में महीनों लग जाते हैं। लेकिन ग्रामीणों ने मिशाल पेश कर गांव को जगमग कर दिया है।
गैरोला/जुयाल
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