कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर आपदा के बाद सुधारीकरण का कार्य शुरू होने से जल्द ही क्षतिग्रस्त सड़क की सूरत बदलने की उम्मीद है।
तीन वर्ष पहले 2013 में हुई भारी बरसात से कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके कारण पिंडर घाटी के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब सीमा सड़क संगठन की 66 सड़क निर्माण कंपनियों ने चौड़ीकरण, डामरीकरण और अन्य सुधारीकरण के कार्य शुरू कर दिया है। बहरहाल, अब तक ग्वालदम से मींग गदेरा तक 24 किमी सड़क का सुधारीकरण का कार्य किया जा चुका है। मींग गदेरे से बगोली तक 17 किमी तक डामरीकरण फरवरी तक हो जाएगा। वहीं, सिमली-बगोली, ग्वालदम-तलवाड़ी के बीच सड़क मार्ग पर क्षतिग्रस्त दीवारों और स्क्रबरों का निर्माण कार्य भी चल रहा है।
स्थानीय जन प्रतिनिधियों जिला पंचायत सदस्य प्रदीप बुटोला, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अवतार सिंह फरस्वाण, व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद मलेठा, डॉ. सुधीर नेगी आदि ने सरकार और बीआरओ की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस मोटर मार्ग पर हो रहे सुधारीकरण के कार्यों से पिंडर घाटी के लोगों का सफर आराम दायक हो जाएगा। बीआरओ के अवर अभियंता जवाहर शर्मा ने बताया कि मोटर मार्ग को व्यवस्थित करने के युद्व स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। और सड़क के डैंजर जौनों सुमला, मल्या पौड़ और नारायणबगड़ स्लाइड का भी शीघ्र ट्रीटमेंट किया जाएगा।