जीएमओयूलि, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति की बसों को ऋषिकेश में रोके जाने पर जताया विरोध
सवारियों को अन्य वाहनों से गंतव्य को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। जीएमओयूलि, रूपकुंड पर्यटन विकास समिति की बसों को ऋषिकेश में रोके जाने का विरोध किया गया। विरोध के तहत जीएमओयूलि और रूपकुंड से जुड़े कर्मचारियों और वाहन संचालकों ने दूसरे दिन भी बदरीनाथ से आ रही टीजीएमओयू की बसों को आगे नहीं जाने दिया। कर्मचारियों और वाहन चालकों ने वाहनों को वहीं रोककर उसमें बैठी सवारियों को अन्य वाहनों की मदद से उनके गंतव्यों के लिए रवाना किया। कर्मचारियों और वाहन चालकों ने कहा कि जब तब जीएमओयूलि, रूपकुंड की बसों का देहरादून से नियमित संचालन नहीं होता तब तक विरोध जारी रहेगा। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन भी किया।
शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जीएमओयूलि और रूपकुंड से जुड़े कर्मचारियों और वाहन संचालकों ने बदरीनाथ से सवारी ले कर आ रही टीजीएमओयू की बस को उमा देवी तिराहे पर रोक दिया। इसके बाद वाहन पुलिस चौकी के पास पार्किंग में खड़ा किया गया और उसमें बैठी सवारियों को अन्य वाहनों से अपने गंतव्यों तक पहुंचाया। पूर्वाह्न 11 बजे बदरीनाथ से एक और बस आई उन्होंने उसे भी रोक दिया और सवारियों को दूसरे वाहनों से भेजा गया। रूपकुंड बस सेवा के स्टेशन इंचार्ज बुद्धि बल्लभ चमोला ने बताया कि देहरादून से जीएमओयूलि, रूपकुंड कंपनी की बसों को टीजीएमओयूलि की ओर से ऋषिकेश में रोका जा रहा है जबकि सरकार की ओर से इन बसों के संचालन की अनुमति दी जा चुकी है। इसके अलावा बीते बृहस्पतिवार को उनके बस चालकों से मारपीट भी की गई जो सरासर गलत है। उन्होंने जीएमओयूलि और रूपकुंड की बसों को जगह-जगह न रोकने की मांग की। वहीं संभागीय परिवहन अधिकारी एके जायसवाल ने बताया कि जबरदस्ती वाहनों से सवारियों को उतारना उठान अनुशासनहीनता है। ऐसे में विभाग की ओर से अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जाएगी