150 वाहनों में करीब 1500 यात्री दोनों ओर फंसे रहे
नाले का कल्वर्ट मलबे से बंद हो जाने के कारण हाईवे पर आ गया था मलबा, धक्का देकर वाहन सुरक्षित स्थानों पर भेजे
पोकलेन मशीन से कल्वर्ट से मलबा हटाने के बाद सुचारु हुई वाहनों की आवाजाही
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/बदरीनाथ। भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर बह रहे कंचननाला का जलस्तर बढ़ गया जिससे यहां करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। कई यात्री वाहनों को धक्का मारकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। ऐसे में हाईवे के दोनों ओर करीब 150 वाहनों में लगभग 1500 तीर्थयात्री फंसे रहे। नाले का जलस्तर कम हुआ तो सुरक्षा के बीच यात्रियों को गंतव्य के लिए भेजा गया।
बदरीनाथ धाम में रविवार को देर रात से हो रही बारिश सोमवार तड़के तक होती रही। तेज बारिश के दौरान सुबह करीब दस बजे कंचननाला उफान पर आ गया। नाले का कल्वर्ट मलबे से बंद हो जाने के कारण पानी और मलबा पत्थरों के साथ हाईवे पर बहने लगा। ऐसे में यहां वाहनों की आवाजाही थम गई। नाले का बहाव तेज होने के कारण पोकलेन मशीन भी मलबे को हटा नहीं पाई। धीरे-धीरे यहां करीब 150 वाहन दोनों ओर फंस गए। प्रत्यक्षदर्शी धन सिंह और अतुल कुमार का कहना है कि कंचननाला उफान पर आने से बदरीनाथ हाईवे पर मलबा और पत्थर आ गए। यात्रियों के वाहनों को धक्का मारकर सुरक्षित स्थानों तक ले जाया गया। कांवड़ यात्रियों के दोपहिया वाहन भी यहां फंसे रहे। दोपहर करीब एक बजे पोकलेन मशीन ने नाले के कल्वर्ट से मलबा हटाने का काम शुरू किया। कल्वर्ट के दोनों ओर से पत्थरों का भरान किया गया जिसके बाद अपराह्न करीब तीन बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। बदरीनाथ के थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए नाले के दोनों ओर से पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। हाईवे के खुलने पर एक-एककर सुरक्षा के बीच यात्रा वाहनों को गंतव्य के लिए भेजा गया।