हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर अटलाकुड़ी में लापता महिला तीर्थयात्री का सोमवार को शव बरामद हो गया। शव करीब 40 फीट नीचे बर्फ के दबा मिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए हैं। मार्ग से बर्फ हटाए जाने के बाद सुबह नौ बजे से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भी सुचारु हो गई है। करीब 2200 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए। जबकि 300 बच्चे और बुजुर्ग तीर्थयात्री घांघरिया में ही रोके गए। सुबह नौ से दस बजे तक ही तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी गई।
रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हेमकुंड साहिब से लौट रहे जत्थे में मौजूद पंजाब के अमृतसर की महिला तीर्थयात्री कमलजीत कौर बर्फ में दब गई थी। जबकि उसके पति जसप्रीत सिंह और बेटा समेत पांच तीर्थ यात्रियों को एसडीआरएफ और नेपाली मजदूरों ने बर्फ में दबने से बचा लिया था। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता कमलजीत कौर की ढूंढ खोज में लगे हुए थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घांघरिया से तीन किलोमीटर की दूरी स्थित अटलाकुड़ी ग्लेशियर प्वाइंट के लिए रवाना हुए। सुबह सात बजे यहां बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया और करीब साढ़े सात बजे बर्फ में करीब 40 फीट नीचे कमलजीत कौर का शव दबा मिला। थाना घांघरिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी जोशीमठ भेजा।
14 घंटे तक बर्फ में ढका रहा कमलजीत का शव
अटलाकुड़ी ग्लेशियर के खिसकने से कमलजीत कौर के लापता होने के साथ ही उनके पति जसप्रीत सिंह, बेटा और तीन तीर्थयात्री भी बर्फ की चपेट में आ गए थे। उनके चिल्लाने पर समीप ही स्थित नेपाली मजदूर और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने पांचों तीर्थयात्रियों को बर्फ से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। कमलजीत कौर बर्फ में दब गई। रात आठ बजे तक बर्फ हटाने का काम हुआ, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। सुबह साढ़े सात बजे बर्फ के नीचे से कमलजीत कौर का शव बरामद किया गया।