कुलिंग गांव के 65 आपदा प्रभावितों का छह किमी दूर दीदना तोक में विस्थापन होगा। पहली किश्त मिलने पर प्रभावितों ने मकान का काम शुरू कर दिया। 65 विस्थापितों के मकान बनाने के लिए दो करोड़ 76 लाख 25 हजार स्वीकृत हुए हैं।
कुलिंग गांव के नीचे जमीन धंसने से सभी मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। ऐसे में अब प्रभावितों को गांव से छह किमी दूर दीदना तोक में विस्थापित किया जा रहा है। प्रभावितों को मकान बनाने के लिए चार लाख 24 हजार स्वीकृत हुए हैं।
दीदना तोक में सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को बरसात में अखोड़ी गदेरे पार कर आवाजाही करनी पड़ेगी। अखोड़ी गदेेरे की पुलिया भी आपदा में बह गई थी। साथ ही स्कूल न होने से बच्चों को छह किमी दूर जाना पड़ेगा। कुलिंग के पूर्व प्रधान भुवन बिष्ट ने बताया कि दीदना के लिए सड़क की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। पटवारी एसएस नेगी का कहना है कि मकान का काम शुरू करने के लिए एक- एक लाख का चेक दिया गया है। शेष धनराशि काम के आधार पर दी जाएगी। दीदना को सड़क से जोड़ने की कार्रवाई चल रही है। - एसएस नेगी, राजस्व निरीक्षक देवाल
झलिया व फल्दियागांव का नही हुआ विस्थापन
देवाल। ब्लाक के झलिया गांव में 18 जुलाई 2018 की आपदा से सभी मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। यहां के लोग एक साल तक ग्वालदम के पास लाटूतोली में टेंट में रह रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा विस्थापन न करने से एक साल बाद झलिया के ग्रामीण गांव चले गए थे। प्रभावित जीर्णशीर्ण मकानों में शरण लिए हैं। वहीं 8 अगस्त 2019 की आपदा में फल्दियागांव में 12 मकान बह गए थे। यहां के लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैनविष्ट के भवन में शरण लिए हैं।