प्रशासन ने शुरू किया सर्वे
भू-धंसाव से प्रभावित इन मकानों का अभी तक नहीं मिल पाया था मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। भू धंसाव से प्रभावित पारंपरिक (पत्थर-पठाल वाले) घरों और प्रधानमंत्री आवास योजना में बने मकानों का भी मुआवजा दिया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद शासन स्तर से मुआवजे की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
नगर में 2023 में हुए भू धंसाव से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से मुआवजा दिया गया लेकिन सिर्फ उन्हीं मकानों को इसमें शामिल किया गया था जो पक्के मकान थे। पुराने पत्थर-पठाल वाले, राजीव आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना से बनाए मकानों का भुगतान नहीं किया गया था। स्थानीय लोग लगातार इस संबंध में मुआवजे की मांग उठा रहे थे। अब प्रशासन की ओर से भू धंसाव से प्रभावित इस तरह के घरों का सर्वे शुरू कर दिया है। दरअसल ज्योतिर्मठ में पहाड़ी शैली में मकान आज भी काफी संख्या में हैं। भले ही ये मकान पुराने हो गए हों लेकिन इनमें आज भी लोग रहते हैं। वहीं पीएम व राजीव आवास योजना में बने मकानों में दरारें आने से उन लोगों को मायूस होना पड़ा था जिन्हें मुश्किल से मिले घर को दरार आने के कारण छोड़ना पड़ा था।
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- ज्योतिर्मठ में भू धंसाव से प्रभावित कंक्रीट से बने घरों का मुआवजा दिया गया था लेकिन कुछ पारंपरिक पत्थर-पठाल वाले और पीएम आवास के मकानों का मुआवजा नहीं मिल पाया था। इसके लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब शासन में प्रक्रिया गतिमान है। इस समय मकानों का सर्वे कर मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्दी इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। - गौरव कुमार, जिलाधिकारी चमोली