जोशीमठ पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास न तो अपना भवन है और ट्रेड भी एक ही है। प्रथम वर्ष के लिए शिक्षक भी नहीं है। ऐसे में कॉलेज की आगामी वर्ष की मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। आईटीआई के भवन में संचालित इस पॉलीटेक्निक संस्थान के निरीक्षण के लिए तीन दिन पहले आई एक्सपर्ट कमेटी ने स्पष्ट कह दिया है यदि जल्द संस्थान का भवन नहीं बनता है तो मान्यता आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
जोशीमठ में पॉलीटेक्निक संस्थान वर्ष 2014 में शुरू हुआ। तब से यह आईटीआई में संचालित हो रहा है। संस्थान का भवन एनटीपीसी बनवा रहा है। इसके लिए 14.73 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन ढाकी गांव में बन रहा भवन अधूरा पड़ा है। यदि अगले साल तक भवन तैयार नहीं हुआ तो संस्थान की मान्यता आगे बढ़ने में पेच फंस सकता है। संस्थान के पास वर्ष 2019-20 तक की तो मान्यता है, लेकिन उसके आगे उसे मान्यता लेनी होगी। संस्थान में वर्तमान में एक ट्रेड है और उसमें 24 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रथम वर्ष में प्रवक्ता नहीं होने से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। प्रयोगात्मक कार्यों के लिए भी अन्य संस्थानों में भेजा जाता है।
कोट
भवन निर्माण के लिए साइड डेवलपमेंट में ही साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। ऐसे में धनराशि कम पड़ गई और भवन नहीं बन पाया है। एनटीपीसी से और बजट की मांग की गई है, बजट मिलते ही काम पूरा कर लिया जाएगा। जून 2020 तक भवन तैयार कर लिया जाएगा। - एनएसए बिष्ट, प्राचार्य पॉलीटेक्निक जोशीमठ।