ल्वाली गांव में शनिवार को जीतू बगड़वाल नृत्य का समापन हुआ। इस दौरान ग्रामीणों ने ईष्ट देवताओं की पूजा कर सुफल मांगा। पंडित सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल, मुरारी सहित आदि ने बताया कि गांव में कई दिनों से गुलदार का आतंक रहा।
जीतू बगड़वाल नृत्य करने की मनौती पर गुलदार का आतंक समाप्त हुआ। इसके बाद 15 नवंबर से गांव में धार्मिक आयोजन शुरू किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सीमा में आज तक किसी पशु पर गुलदार ने हमला नहीं किया।
इसलिए जीतू बगड़वाल को यहां पूजा जाता है। दोपहर को यहां देवनृत्य का आयोजन किया गया। इस दौरान पदम सिंह, संजय सती, पुष्कर सिंह, विनोद सती, विक्रम नेगी और पूनम रावत आदि मौजूद थे। दूसरी ओर मैखुरा गांव में पांडव लीला का आयोजन किया जा रहा है।
शांति प्रसाद मैखुरी, संजय मैखुरी ने बताया कि पांडव लीला देखने, धल, कांचुला, कनखुल, चोपड्यूं, सेम, कांडा, बणसोली आदि गांवों से ग्रामीण पहुंच रहे हैं।