चमोली जिले के गौचर क्षेत्र में खेतों की सिंचाई का संकट बना हुआ है। यहां पनाईं सिंचाई नहर के मलबे व झाड़ियों से पटी होने व सिंचाई लिफ्ट पंप की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों के सामने सिंचाई का संकट हो गया है। यही स्थिति ब्लॉक पोखरी की ग्रामसभा बमोथ सिंचाई नहर की है। बमोथ के कृषक नहर पर पानी न आने के कारण पिछले 11 वर्षों से अपने खेतों में धान की खेती नहीं कर पा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के थराली व चमोली डिविजन के अधीन सैकड़ों नाली भूमि की सिंचाई का जिम्मा संभालने वाली पनाईं व बमोथ सिंचाई नहर पर पानी नहीं है। बमोथ गांव के ललिता प्रसाद लखेड़ा और गौचर के अरुण मिश्रा ने कहा कि सिंचाई के अभाव में क्षेत्र के काश्तकार समय पर फसलों की बुआई और सिंचाई नहीं कर पाते हैं। कहा कि लंबे समय से दोनों नहरों के मरम्मत की मांग की जा रही लेकिन नतीजा सिफर है। ऐसे में सड़क किनारे बनी नालियों के सहारे काश्तकार खेतों की सिंचाई करने के लिए मजबूर हैं। वहीं, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता दिनेशचंद्र ने कहा कि बजट आने पर तुरंत ही इन नहरों की मरम्मत कर दी जाएगी। फिलहाल नहर की झाड़ियों की सफाई करवाई जाएगी।
भटनगर सिंचाई योजना के पाइप क्षतिग्रस्त
यही हाल लघुढाल विभाग की भटनगर सिंचाई लिफ्ट पंप योजना का भी है। वर्तमान में लंबे समय से योजना के पाइप क्षतिग्रस्त पड़े हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पाइप मंगवाए गए हैं। काश्तकार कंचन कनवासी, विजया गुसाईं, जसदेई देवी, पूनम थपलियाल, उमराव सिंह, रघुनाथ सिंह ने कहा कि पाइप जल्द मंगवाकर योजना के मरम्मत की मांग की।