अनियमित बिजली आपूर्ति और जर्जर बिजली लाइनों की मरम्मत को लेकर लंगासू क्षेत्र के 10 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
दो घंटे के धरना प्रदर्शन के बाद ऊर्जा निगम के ईई की ओर से एक सप्ताह में समस्याओं का संज्ञान लेकर उनके निराकरण के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
ग्रामीणों ने कहा यदि सप्ताह भर में समस्याओं के निराकरण की कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण लंगासू में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सोमवार को लंगासू, उत्तरों, जयकंडी, बणेसाली, ग्वाड़, मैखुरा, स्वर्का, धल, कांचुला, डोंठला, उमरकोट, ढुंगल्वाली के ग्रामीणों ने अनियमित बिजली आपूर्ति के विरोध में ऊर्जा निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
लंगासू के व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि दो सप्ताह में केवल तीन दिन ही बिजली सुचारु रही। शुक्रवार को हाईवोल्टेज से पांच से अधिक ग्राम पंचायतों में 24 से अधिक ग्रामीणों के घरों में के बिजली के उपकरण फुंक गए।
यही नहीं निवाड़ी गांव में एक भैंस करंट लगने से मर गई। गांवों की बिजली लाइनें पेड़ों से बंधी हैं। कई जगह हल्की बारिश में बिजली के पोल करंट मार रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 19 जून को जनता दरबार में बिजली की समस्या को प्रमुखता से रखा गया।
निगम के अधिकारियों ने एक सप्ताह में लाइनों को दुरुस्त करने की बात कही थी, लेकिन 17 दिनों के बाद लाइनें ठीक करना तो दूर जर्जर लाइनों का निरीक्षण तक नहीं किया।
ऐसे में आए दिन लाइनों में तकनीकी खराबी के चलते क्षेत्र की बिजली गुल हो रही है। बाद में निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने ग्रामीणों की समस्याओं पर सात दिनों में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन करने वालों में राकेश लाल, संदीप खंडूड़ी, किरन, पुष्कर असवाल, राजेंद्र डिमरी, दिगंबरी देवी, विनीता देवी, सोबती देवी, ताजवर नेेगी, योगेंद्र कंडारी, जसपाल लाल, राजेश कुमार, देवेश्वरी देवी, मंसा राम, चंद्रकला देवी और रंजना देवी आदि उपस्थित थे।