कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में डीएम स्वाति एस भदौरिया ने 28 शिकायतें सुनीं। इस दौरान सीएम हेल्पलाइन, जिला शिकायत प्रकोष्ठ, बहुउद्देशीय शिविर व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। इस दौरान ठेकेदार की ओर से मोला-मटई-बैरासकुंड मार्ग का काम अधूरा छोड़ने की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित कर जांच के निर्देश दिए।
जन सुनवाई कार्यक्रम में गेरुड़ के ग्राम प्रधान ने सड़क बनाने, एनपीसीसी की ओर से गेरुड़ कोलपुड़ी और गेरुड़-बूंगा संपर्क मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत की। डीएम ने एसडीएम को एनपीसीसी के ईई के साथ मौका मुआयना कर कार्रवाई को कहा। मुंदोली के ग्राम प्रधान ने लोहाजंग तोक से खुराली व बुदला गांव के लिए सड़क स्वीकृत करवाने, ईराणी गांव में पेयजल लाइन पर 28 लाख खर्च होने के बावजूद लाइन अधूरी होने की शिकायत पर एसडीएम चमोली को जांच के निर्देश दिए गए। प्रमाणपत्र बनाने को लेकर पहुंचे दिव्यांगों की शिकायत पर डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मार्च में जिला अस्पताल में शिविर लगाकर दिव्यांग प्रमाणपत्र निर्गत करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, अपर जिलाधिकारी एमएस बर्निया, पीडी प्रकाश रावत, डीडीओ एसके रॉय, सीओ पुलिस जेआर जोशी आदि मौजूद थे।