राजा सगर की कुल देवी ज्वाला देवी की दिवारा यात्रा अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंगलवार को यात्रा गोपीनाथ मंदिर में पहुंची। यहां भक्तों ने मां ज्वाला का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। गोपेश्वर की ध्याणियों ने माता को चुनरी और शृंगार सामान भेंटकर मनौतियां मांगीं। यात्रा बुधवार को गोपेश्वर से विदा लेकर देवलधार, ग्वाड़ और गंगोलगांव होते हुए अपने ज्वाला देवी मंदिर में पहुंचेगी।
इन दिनों मां ज्वाला देवी की दिवारा यात्रा गांव-गांव भ्रमण कर रही है। चार माह से चल रही माता की दिवारा यात्रा में देवी भक्त नंगे पांव चल रहे हैं। श्री ज्वाला देवी मंदिर समिति सगर के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नेगी और संरक्षक सत्येंद्र रावत ने बताया कि मां ज्वाला की दिवारा यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।
29 जनवरी से ज्वाला मंदिर में महायज्ञ और श्रीमद्देवी भागवत कथा होगी। मां ज्वाला की दिवारा यात्रा 24 वर्षों के बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा में रात्रि प्रवास के दौरान गांव-गांव में रात्रि जागरण कर ग्रामीण कीर्तन-भजन कर रहे हैं। मां ज्वाला अभी तक पंचबदरी, पंचकेदार के साथ ही कालीमठ, त्रियुगीनारायण, माता अनसूया, डुमक, इंद्रामति मंदिर के दर्शन करने के साथ ही करीब 150 गांवों का भ्रमण कर चुकी हैं।