बरात से लौटते समय बिरही-निजमुला मार्ग हुए हादसे में हुई थी पांच लोगों की मौत
चार मृतक गोलिम और एक उत्तरों सोनला निवासी था, दोनों गांवों में पसरा मातम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बिरही-निजमुला मार्ग पर शुक्रवार देर शाम हुई वाहन दुर्घटना में मृत पांच में से चार का अंतिम संस्कार एक साथ गमगीन माहौल में अलकनंदा किनारे पैतृक घाट पर किया गया। जबकि एक अन्य का अंतिम संस्कार पैतृक घाट लंगासू में हुआ। सभी मृतक गोलिम गांव और उत्तरों सोनला निवासी थे।
शुक्रवार को निजमुला घाटी के पगना गांव में बरात से लौटकर हरमनी गांव जा रही एक ऑल्टो कार गाड़ी गांव के समीप कोरेलधार के पास अनियंत्रित होकर 300 मीटर नीचे खाई में गिर गई थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। वाहन दुर्घटना की सूचना पर चमोली थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शवों को सड़क तक पहुंचाया गया। इसके बाद एंबुलेंस से शवों को जिला अस्पताल लाया गया। शनिवार को सुरेंद्र लाल (46) पुत्र लालू लाल, जयदीप कुमार (25) पुत्र मोहन लाल, सुरेंद्र लाल (53) पुत्र माधू लाल, और मोहन लाल (50) पुत्र सिताबू लाल सभी निवासी गोलिम, चमोली तथा महावीर लाल (45) पुत्र श्याम लाल, निवासी उत्तरों, सोनला के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। इस दौरान रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल था। शनिवार को चार मृतकों का अलकनंदा किनारे पैतृक घाट पर एक साथ अंतिम संस्कार किया गया जबकि एक अन्य का लंगासू में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दुर्घटना के बाद से दशोली ब्लाॅक के गोलिम और उत्तरों गांव में मातम पसरा है।
पीड़ित परिजनों को मिले मुआवजा
प्रधान संगठन के दशोली ब्लाॅक अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर का कहना है कार सवार सभी हरमनी गांव में रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि गरीब काश्तकारों ने हादसे में अपनों को खोया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की जानी चाहिए।
इंसेट
चौड़ीकरण कार्य से सड़क बनी खतरनाक, सुरक्षा के नहीं इंतजाम
गोपेश्वर। बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर कोरेलधार तोक जानलेवा बना हुआ है। यहां इन दिनों चौड़ीकरण कार्य से सड़क खतरनाक बनी है और सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं हैं।
सड़क के ऊपर झूलती चट्टान और नीचे वीर गंगा बह रही है। सड़क संकरी और उबड़-खाबड़ बनी है। चौड़ीकरण कार्य से यहां सड़क क्षतिग्रस्त भी है। शुक्रवार को जिस वक्त यह दुर्घटना हुई उस समय क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि हो रही थी। निजमुला घाटी के व्यारा गांव के ग्राम प्रधान/प्रशासक बृजलाल का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। चट्टान पर कई बोल्डर अटके हैं। सड़क भी बदहाल है जिससे यहां हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सड़क पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कहा कि जिस स्थान पर वाहन दुर्घटना हुई है, यहां पहले भी कई वाहन हादसे हो चुके हैं। लिहाजा सड़क पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। संवाद
कोट
आरटीओ और पुलिस अधिकारी दुर्घटना की जांच करेंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद ही दुर्घटना के कारणों का पता चल पाएगा। प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण ओवर स्पीड बताया जा रहा है। यहां सड़क चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य भी पीएमजीएसवाई और एनपीसीसी की ओर से किया जा रहा है। सड़क पर सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए कहा गया है। - डॉ. संदीप तिवारी, डीएम, चमोली।