नाबालिग लड़की के अपहरण और ह्यूमन ट्रैफिकिंग के प्रयास के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की अदालत ने दो युवकों को पांच वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामला जोशीमठ तहसील का है।
कर्णप्रयाग पुलिस थाने में पिछले वर्ष 11 दिसंबर को एक नाबालिग लड़की ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जिला निवासी मानवेंद्र शर्मा और अशोक कुमार के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में लड़की ने कहा था कि वह गोपेश्वर आने के लिए चमोली बाजार के बस स्टैंड पर वाहन का इंतजार कर रही थी, तभीदोनों युवक उसे बहला-फुसला कर कर्णप्रयाग ले गए।
उसे अपने साथ मथुरा ले जाने के लिए वह कर्णप्रयाग बस स्टैंड पर जबरदस्ती करने लगे। मामला बढ़ता देख वहां आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, जिससे वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए।
पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को विशेष सत्र न्यायाधीश ने मामले में दोनों युवकों को विभिन्न धाराओं में पांच-पांच साल के कठोर कारावास और 73 हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
वसूल किए गए जुर्माने में से 60-60 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश भी दिए गए। बचाव पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह बर्त्वाल ने की। ब्यूरो