डुमक गांव तक सड़क के लिए चल रहा आंदोलन, दो अनशनकारियों का बिगड़ा स्वास्थ्य
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन पर बैठे दो अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों की सलाह पर प्रशासन ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। उनका शुगर लेवल बेहद कम हो गया था। अब डुमक गांव की महिलाओं ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष अंकिता सनवाल और पूर्व अध्यक्ष बबीता ने कड़ाके की ठंड में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में अब कई अन्य ग्रामीण भी धरने पर डटे हैं।
डुमक गांव के ग्रामीणों का धरना 132 दिन और आमरण अनशन 21 दिन से चल रहा है। पिछले नौ दिन से कुंवर सिंह और चार दिन से शोभन सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार शाम करीब छह बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। टीम ने प्रशासन को बताया कि अनशनकारियों का शुगर लेवल बेहद कम हो गया है। उन्होंने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। एडीएम विवेक प्रकाश का कहना है कि शाम साढ़े छह बजे प्रशासन की टीम ने दोनों अनशनकारियों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद अब अंकिता सनवाल और बबीता ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। इस मौके पर सोनिका भंडारी, विवेक नेगी, अनसूया सनवाल, विकास संघर्ष समिति के संयोजक प्रेम सिंह सनवाल, अंकित भंडारी, अवतार सनवाल, अरविंद नेगी, विनोद आदि धरने पर डटे हैं। ग्रामीणों ने एलान किया है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।