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हरमनी, पैंनगढ़, सिलोड़ी और कोठा के ग्रामीण चार सालों से कर रहे हैं मोटर पुल की मांग

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हरमनी, पैंनगढ़, सिलोड़ी और कोठा के ग्रामीणों ने उनके गांवों को सड़क से जोड़ने को पुल निर्माण की मांग के लिए ढोल दमाऊं के साथ लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि पुल नहीं होने से उनको कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। अगर जल्द पुल का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
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बुधवार को पूर्व प्रधान दिनेश पुरोहित के नेतृत्व में हरमनी, पैंनगढ़, सिलोड़ी और कोठा गांव के सैकड़ों लोग ढोल दमाऊं बजाते हुए थराली बाजार पहुंचे और लोनिवि के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इसके बाद वे नारेबाजी करते हुए लोनिवि कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कार्यालय के बाहर सभा करते हुए कहा कि चार साल पहले पिंडर नदी पर बना मोटर पुल आपदा में बह गया था। तब से पुल आज तक नहीं बना। वर्ष 2013 में पिंडर नदी पर हरमनी का झूला पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर टूटे पुल से ही नदी पार कर रहे हैं। विभाग ने यहां पर ट्राली लगाई, जिससे कई लोगों की अंगुलियां कट चुकी हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता जगदीश रावत को ज्ञापन देकर दिया और एक माह में पुल का काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। लोनिवि के ईई जगदीश रावत ने बताया कि किन्हीं कारणों से पुल का डिजायन तैयार नहीं हो पाया है। डिजायन तैयार होने पर डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में खिलाप सिंह, गौर सिंह, सुरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, भुवन चंद्र, राजेंद्र राम, पूरन चंद्र, महेंद्र सिंह और मुकेश पुरोहित आदि शामिल रहे।
चार साल बाद भी पुल का डिजायन तैयार नहीं कर पाया विभाग
थराली। हरमनी, पैंनगढ़, सिलोड़ी और कोठा गांव के लिए छह साल बाद भी लोनिवि पुल का डिजायन तैयार नहीं कर पाया है। पैंनगढ के ग्रामीण आज भी पीठ पर सामान लादकर छह किमी की कठिन चढ़ाई चढ़ने को मजबूर हैं। वहीं हरमनी में ग्रामीण और स्कूली बच्चे पिंडर नदी पर क्षतिग्रस्त पड़े टूटे पुल या फिर ट्रॉली से जान जोखिम में डालकर जा रहे हैं। ग्रामीण रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए छह किमी दूर हरमनी बाजार आते हैं। पैनगढ़ के 76 वर्षीय मोहन सिंह परिहार का कहना है कि पीठ पर बोझ ढो ढोकर थक चुके हैं। सरकार कब यहां की सुध लेगी। वहीं हरमनी इंटर कालेज में पढ़ने वाली सरिता का कहना है कि बरसात में जब चट्टानों से पत्थर गिरते हैं और पिंडर नदी के उफान से टूटा झूला पुल हिलोरें मारता है तो जान पे बन आती है।
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एक माह से ठप है मोटर पुल का काम
कर्णप्रयाग। सिमली-डिम्मर-बणसोली मार्ग पर दो वर्षों से निर्माणाधीन मोटर पुल का कार्य एक माह से ठप पड़ा है।
ब्लॉक के कपीरी और चांदपुर पट्टी के दर्जनों ग्राम पंचायतों को सड़क सुविधाओं का लाभ देने के उद्देश्य से वर्ष 2016 में सिमली-डिम्मर-बणसोली मोटर पुल निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लगभग 10 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के निर्माण का जिम्मा लोनिवि गौचर को दिया था।
सुरेश डिमरी, सावित्री देवी और शैलेंद्र प्रसाद डिमरी, आवास विकास समिति न्यू-डिम्मर के अध्यक्ष पवन डिमरी आदि ने कहा कि विभाग की ओर से प्रारंभिक चरण में पुल के अबेटमेंट तो बनाकर कार्यों की इतिश्री कर दी। ऐसे में लोगों को पुल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोनिवि गौचर के ईई एमएस रावत ने बताया कि विभाग की ओर से पुल निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को निर्माण कार्य शुरू करवाने का नोटिस दे दिया है।
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