बदरीनाथ हाईवे पर हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बाईपास के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक हिल कटिंग पूरी हो गई है। इन दिनों यहां बाईपास पर दीवार निर्माण और हिल कटिंग चल रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने 2025 तक बाईपास निर्माण कार्य पूरा करने का दावा किया है। बाईपास पर दो मोटर पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। पुलों का डिजायन तैयार किया जा रहा है।
बदरीनाथ हाईवे धार्मिक के साथ ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह हाईवे चीन सीमा क्षेत्र के नीती और माणा घाटी में सेना की अग्रिम चौकियों को जोड़ता है। हेलंग से जोशीमठ और मारवाड़ी तक 20 किलोमीटर हाईवे तंग हालत में होने के कारण यहां हेलंग से मारवाड़ी तक पांच किमी बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बाईपास का निर्माण सितंबर 2022 में शुरू हुआ था लेकिन इस वर्ष जनवरी माह में जोशीमठ भू-धंसाव होने के कारण मार्ग निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी। फिर मई माह में बीआरओ को शासन से बाईपास का निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मिली लेकिन जोशीमठ के लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद फिर निर्माण शुरू हुआ तो अभी तक यहां करीब डेढ़ किलोमीटर तक बाईपास बन गया है। वहीं बीआरओ के कमांडर कर्नल अंकुर महाजन ने बताया कि बाईपास का निर्माण वर्ष 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। बाईपास पर अभी हिल कटिंग और पुश्ता निर्माण कार्य चल रहा है। अभी तक करीब डेढ़ किमी तक काम पूरा हो गया है।