जिले में हो रही बर्फबारी ने दूरस्थ गांव के लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। जिले में 30 से अधिक गांवों में इस समय बर्फ की चादर बिछी हुई है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में घरों के ऊपर तक कई फीट बर्फ जमी हुई है। पानी की लाइनें जमने से पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। मवेशियों के लिए चारा पत्ती की भी समस्या बन गई है। कई गांवों में एक हफ्ते बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है।
दशोली ब्लॉक के पाणा ईराणी सहित आसपास के गांवों में और जोशीमठ ब्लॉक के दर्जनों गांवों में पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पाणा ईराणी में पिछले 10 दिनों से बिजली गुल है। घरों के बाहर दरवाजे पर कई फीट तक बर्फ जमी है। हर दिन लोग फावड़े व अन्य सामान से बर्फ हटाते हैं लेकिन अगले दिन फिर बर्फ पड़ जाती है। चारों तरफ बर्फ पड़ने से मवेशियों के लिए चारा पत्ती की समस्या आ गई है। ठंड के कारण नलों में पानी जम रहा है, जिससे लोग प्राकृतिक स्रोत का सहारा ले रहे हैं। पाणा गांव की बीना देवी, शांति देवी, सीमा देवी, अनीता देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले बर्फबारी से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।