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संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। डिम्मर गांव में आयोजित श्री रामलीला मंचन के आठवें दिन हनुमान ने लंका में आग लगा दी। सोमवार रात को हुई रामलीला में रावण अशोक वाटिका में जाकर सीता को अपनी प्रणयनी बनने का प्रलोभन देता है। सीता रावण को श्राप देती हैं कि श्रीराम के हाथों उसका विनाश होगा। इसके बाद हनुमान सीता को श्रीराम की अगूंठी देते हुए कुशलक्षेम बताते हैं। फिर फल खाने की अनुमति लेते हुए अशोक वाटिका को उजाड़ देते हैं। मेघनाद हनुमान को बंदी बनाकर लंका दरबार में लाता है। रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ पर आग लगा दी जाती है और हनुमान रावण की सोने की लंका को जला देते हैं। इसके बाद राम युद्ध करने से पूर्व अंगद को राजदूत के रूप में रावण को समझाने लंका में भेजते हैं। इस मौके पर रामलीला मंडली के अध्यक्ष अशोक डिमरी, उपाध्यक्ष हेमचंद्र डिमरी, महामंत्री नरेश खंडूड़ी, पुनीत डिमरी, हरीश डिमरी, अमित खंडूड़ी, शिवांकर डिमरी, प्रभुकांत डिमरी, गणेश खंडूड़ी, गजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे। संवाद