टेंडर प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर ग्राम प्रधानों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठे नाराज ग्राम प्रधानों ने कहा कि मनरेगा के कार्यों में मैटीरियल से संबंधित जो निविदा जारी की गई है उसका वे लगातार विरोध कर रहे हैं। मैटीरियल रखने के लिए कई जगह पर्याप्त स्टोर उपलब्ध न होने और हर जगह भौगोलिक परिस्थितियां भिन्न होने से यह प्रक्रिया संभव नहीं है। उन्होंने जारी की गई निविदा वापस लेने की मांग की। धरने पर प्रधान संघ अध्यक्ष सुशील खंडूड़ी, उपाध्यक्ष गजेंद्र चौधरी, महामंत्री गौतम मिंगवाल, संरक्षक महेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी मैखुरी, मीडिया प्रभारी प्रदीप नेगी, सहसचिव हेमंती मैखुरी, पीतांबरी देवी, क्षेपंस बृजेश बिष्ट, हरिकृष्ण भट्ट, कल्पेश्वरी देवी, हेमा देवी, ममता देवी, श्वेता देवी, कुसुमलता, ज्योति और रीना आदि मौजूद रहे।
प्रधानों को डोंगल देने की मांग
देवाल। ग्राम प्रधानों को जिले से डोंगल न दिए जाने के कारण डेढ़ साल से मनरेगा के मैटीरियल अंश का 50 लाख रुपये का भुगतान रुका है। प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि राज्य व 14वें वित्त का भुगतान प्रधान व वीडीओ के हस्ताक्षर से किया जाता है। सरकार ने चेक से भुगतान की प्रक्रिया को बदलकर ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके लिए प्रधान व वीडीओ के डिजिटल हस्ताक्षर जरूरी हैं, लेकिन आठ माह बाद भी ब्लॉक कार्यालय को डोंगल नहीं मिले हैं, जिससे भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने जल्द ब्लॉक को डोंगल उपलब्ध कराने की मांग की।