बुधवार को गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हुए चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ। सैकड़ों भक्तों ने किए रुद्रनाथ के दर्शन।
पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ बुधवार को यहां गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो गए हैं। इस दौरान भगवान रुद्रनाथ के दर्शनों को सैकड़ों श्रद्धालु और तीर्थयात्री गोपीनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे। रुद्रनाथ की डोली के गोपेश्वर पहुंचते ही गोपीनाथ की नगरी भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। अब सात माह तक भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना इसी मंदिर में होगी।
बुधवार को सुबह पूजा-अर्चना के बाद ग्वाड़ गांव के जाख मंदिर से रुद्रनाथ की उत्सव डोली ने गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान किया। आचार्य पंडित वेद प्रकाश महादेव भट्ट ने उत्सव डोली की अगुवाई की। डोली ग्वाड़, सगर और गंगोलगांव होते हुई गोपेश्वर पहुंची। भोलेनाथ के स्वागत के लिए गोपेश्वर गांव की महिलाएं और स्थानीय लोग गांव की सीमा पर फूल-मालाओं के साथ पहुंचे। अपराह्न तीन बजे रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में पहुंची।
यहां पहले से ही मौजूद सैकड़ों शिव भक्तों ने रुद्रनाथ का फूल-मालाओं से स्वागत किया। गोपीनाथ की परिक्रमा कर रुद्रनाथ की डोली करीब एक घंटे तक हनुमान मंदिर के बाहर शिव त्रिशूल के पास रखी गई। यहां आचार्य पंडित महादेव भट्ट ने रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना संपन्न की। भक्तों द्वारा परंपरा के अनुसार रुद्रनाथ को नई फसल का अनाज चढ़ाया। इस मौके पर पंडित प्रयाग दत्त भट्ट, अनसूया प्रसाद भट्ट, वंशीधर भट्ट, शांति प्रसाद, अवतार सिह, ओम प्रकाश नेगी, कैलाश तिवाड़ी और सुनील चौहान आदि मौजूद थे।