गोपेश्वर: ढोल-दमाऊं के साथ वन सरपंचों ने किया प्रदर्शन
मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए ठोस योजना बनाने की मांग उठाई
सीडीओ और डीएफओ को सौंपा 36 सूत्री ज्ञापन
मांगों पर कार्रवाई न होने पर 15 से फिर आंदोलन तेज करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी-
गोपेश्वर। वन पंचायत सरपंच संगठन से जुड़े सरपंचों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस योजना बनाने के साथ ही अपनी 36 सूत्री मांगों को लेकर जुलूस-प्रदर्शन किया। आक्रोशित सरपंचों ने नगर की सड़कों से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल-दमाऊं के साथ प्रदर्शन किया। कहा गया कि यदि 15 दिसंबर तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी के नेतृत्व में शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे नगर के पोस्ट आफिस रोड से होते हुए वन सरपंच कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। उन्होंने यहां जमकर नारेबाजी की और सांकेतिक धरना दिया। यहां हुई सभा में जिलाध्यक्ष ने कहा कि चमोली जनपदवासी आए दिन हो रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष से दहशत में हैं। वन विभाग ने अभी तक वन्यजीवों को खदेड़ने के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। सरपंचाें ने वन पंचायत के समीप आरक्षित वन क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों में सरपंचों को वरीयता देने, बंदर और सुअर के उत्पात को कम करने के लिए बंदरबाड़ा बनाने व सुअरों की नसबंदी करने, मुआवजा समय पर दिए जाने सहित अपनी विभिन्न मांगें उठाई। मौके पर पहुंचे सीडीओ डॉ. अभिषेक गुप्ता और डीएफओ सर्वेश दुबे ने सरपंचों की मांगें सुनीं और उन्हें शासन को भेजने का आश्वासन दिया। जिसके बाद सरपंच आंदोलन स्थगित कर अपने गंतव्य को चले गए।