पालछनी गांव में आयोजित देवी नवरात्र पर भूमियाल देवता की अगुवाई में नव दुर्गा समेत विभिन्न देवी-देवताओं ने पिंडर नदी में स्नान किया। इस दौरान महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। मंदिर परिसर में देवी के पश्वाओं ने शानदार नृत्य किया और भक्तों को धनधान्य का वरदान दिया।
वेद मंत्रों और शंख ध्वनि से मंदिर में पूजा की गई। मंदिर के पुजारी शिव प्रसाद सती गर्भगृह से देवी की मूर्ति व अस्त्र-शस्त्रों को मंदिर से बाहर लाए। इस दौरान ग्रामीणों ने देवी की मूर्ति पर पुष्प वर्षा कर दंडवत प्रणाम किया। परंपरागत वाद्य यंत्रों की थाप पर मंदिर में देवी के पश्वा अवतरित हुए। उसके बाद गाजे-बाजे के साथ भूमियाल देवता की अगुवाई में ग्रामीणों ने देवी के साथ गंगा स्नान के लिए प्रस्थान किया। देवी के दर्शनों के लिए आए लोगों ने देवी के जयकारे लगाए। नारायणबगड़ में पिंडर नदी के तट पर देवी-देवताओं के पश्वों ने अवतरित होकर स्नान किया। गंगा स्नान के बाद भूमियाल देवता व देवी-देवताओं के निशाणों ने नारायणबगड़, सलधार, टेंटुणा, मानूर आदि गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों की पूजा स्वीकार की। इस मौके पर दुलप बिष्ट, गंभीर नेगी, विक्रम सिंह और लखपत सिंह आदि मौजूद रहे।