जोशीमठ को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। ब्लाक दफ्तर पर प्रमुख प्रकाश रावत की अध्यक्षता में पैनखंडा संघर्ष समिति की बैठक हुई, जिसमें दस दिन के भीत क्षेत्र को पिछड़ा घोषित नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के दो माह गुजर जाने के बाद भी जोशीमठ पिछड़ा क्षेत्र का शासनादेश जारी नहीं हुआ है, जिससे लोगों में आक्रोश है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी शासनादेश जारी नहीं होना सरकार की विफलता को दर्शा रहा है।
ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत ने कहा कि जोशीमठ विकास खंड आज भी आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा नहीं होने से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। सीमा क्षेत्र के गांव सुविधाओं के अभाव में खाली हो रहे हैं।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही समिति के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भी भेंट करेगा। बैठक में प्रधान संगठन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य भरत सिंह कुंवर, रामेश्वर प्रसाद थपलियाल, सुचिता चौहान, नैन सिंह भंडारी, मीना डिमरी, महादीप सिंह, अमित सती और नितिन व्यास आदि मौजूद थे।