डिम्मर गांव के सतीश अपने हुनर से पत्थरों को नया रूप देकर उसमें रंग भर रहे हैं। वह बगैर किसी मशीन के केवल हथौड़ी, छैनी से पत्थर को तराश खूबसूरत मूर्तियों बना रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान वह अपने इस हुनर का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज से 31 मार्च को रिटायर होने के बाद सतीश चंद्र घर में ही मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। उन्हें छात्र जीवन से ही कलाकारी का शौक है। वह भगवान गणेश, शिवजी, पार्वती और दुर्गा सहित कई देवी-देवताओं की मूर्तियां बना चुके हैं। सेवारत रहने के दौरान भी उन्होंने अपने इस शौक को मरने नहीं दिया। राजकीय इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग, सिमली, उज्जवलपुर और आदिबदरी समेत कई विद्यालयों में मां सरस्वती, लक्ष्मी, महापुरुषों समेत कई प्रतिमाओं के साथ ही उन्होंने डिम्मर गांव में रामलीला दरबार स्तंभ पर हनुमान, गरुड़ और टटेश्वर मंदिर में पत्थर तराशकर हनुमान की मूर्ति भी बनाई है।