सेफ इंडिया का संदेश लेकर महाराष्ट्र और गुजरात ही छह लड़कियाें की टीम बुलेट से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर निकली हैं।
ये लड़कियां लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज करना चाहती हैं। टीम में शामिल लड़कियां पेशे से डॉक्टर, शिक्षक और बिजनेस से जुड़ी हैं।
वह बुलेट से कई दिनों का सफर कर मंगलवार को जोशीमठ पहुंचीं। यहां उन्होंने काबीना मंत्री एमपी नैैैथानी से भी मुलाकात की।
टीम लीडर गुजरात की डा. सारिका मेहता ने कहा कि वे देखना चाहती हैं कि अकेली लड़कियों का सफर करना कितना सुरक्षित होता है। वे दिल्ली से बाइक से ही चार धाम यात्रा पर निकली हैं।
उन्हें बदरीनाथ के प्रवेश द्वार तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं हुई। उन्होंने देश के अंतिम गांव माणा तक जाने की इच्छा जताई। बदरीनाथ धाम की यात्रा के बाद वे गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ भी जाएंगी।
ग्रुप की सदस्य पायल शाह, ज्ञानदा, तृप्ती श्रवणकर, शीतल वडेय और शिवांगी माजरेकर का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा में जब उत्तराखंड की सड़कें तहस-नहस हुईं तो लगा सड़कों को ठीक होने में वर्षों लग जाएंगे, लेकिन शासन-प्रशासन के प्रयास के कारण दो साल में ही धामों को जोड़ने वाली सड़कों की स्थिति बेहतर हो गई है।
दो दिन पहले ऋषिकेश पहुंचे थे। उत्तराखंड में पुलिस प्रशासन के साथ ही स्थानीय लोगों का उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है। वे देश को संदेश देना चाहती हैं कि अकेली लड़कियां कहीं भी आ जा सकती हैं।