डीएम ने भूस्खलन क्षेत्र में हुए ट्रीटमेंट कार्यों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। हल्दापानी गोपेश्वर के भूस्खलन क्षेत्र में हुए ट्रीटमेंट कार्यों का डीएम संदीप तिवारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए बनाई गई समिति को कार्यों की तकनीकी विशेषज्ञों से जांच करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय लोगों से भी सुधारीकरण कार्यों को लेकर फीडबैक लेने को कहा गया।
हल्दापानी क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से भूस्खलन और भू-धंसाव से कई मकानों में दरारें आ गई थीं जिसके बाद यहां पर राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि से 80 करोड़ 61 लाख 60 हजार रुपये की धनराशि से ट्रीटमेंट कार्य किए गए। शुक्रवार को जिलाधिकारी व निर्माण कार्य की पूर्णता के निरीक्षण के लिए बनाई समिति के सदस्यों एडीएम विवेक प्रकाश, एसडीएम चमोली आरके पाडेय, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग अला दिया, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम ने कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद नेगी ने बताया कि हल्दापानी क्षेत्र में ट्रीटमेंट कार्य किया गया है। कार्य के बाद भू-धंसाव की स्थिति को देखने के लिए घरों में क्रैकोमीटर लगाए गए थे, मानसून सीजन के बाद वे सभी सुरक्षित हैं। चमोली-गोपेश्वर सड़क सुधारीकरण व नालियों का निर्माण करने के लिए लोनिवि एनएच को 12 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा।
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लोनिवि और पीएमजीएसवाई को चार करोड़ रुपये अवमुक्त
गोपेश्वर। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई की पिछली देनदारियों की बकाया धनराशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएम ने 4.12 करोड़ रुपये अवमुक्त किए हैं। आगामी चारधाम यात्रा और मानसून सत्र को देखते हुए सीएम ने शासन से स्वीकृत 2022-23 और 2023-24 में चारधाम यात्रा एवं मानसून सत्र में बंद सड़कों को खोलने पर खर्च धनराशि का परीक्षण करते हुए भुगतान करने के डीएम को निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में डीएम ने चार करोड़ 12 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि अवमुक्त की है। इसमें लोनिवि थराली को 48.70, लोनिवि पोखरी को 13.17 लाख, लोनिवि गौचर को 31.87, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग को 189.96 व पीएमजीएसवाई पोखरी 113.30 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई। वहीं डीएम संदीप तिवारी ने कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र शीघ्र उपलब्ध कराने के साथ ही योजना में दोहराव न हो इस आशय का प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संवाद