रैणी गांव से शुरू हुई चिपको चेतना यात्रा में लोगों ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। भारतीय वृक्ष न्यास (ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया) की ओर से वृक्ष संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी के जन्मशताब्दी वर्ष के तहत रैणी गांव से चिपको चेतना यात्रा शुरू हो गई है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने वर्चुअली यात्रा की शुरुआत की। सोमवार को यात्रा रैणी गांव, तपोवन, ज्योतिर्मठ से होते हुए गोपेश्वर पहुंची। रैणी गांव में आयोजित हुई पर्यावरण गोष्ठी में गौरा देवी को भारत रत्न देने सहित कई प्रस्ताव रखे गए।
रैणी गांव में गौरा देवी के चित्र पर माल्यार्पण के बाद गोष्ठी आयोजित हुई। भारतीय वृक्ष न्यास की ओर से गौरा देवी को भारत रत्न देने, रैणी गांव में गौरा देवी शोध संस्थान की स्थापना करने, जिस पर्वत पर चिपको आंदोलन चला उसे गौरा देवी के नाम से रखने तथा गौरा देवी के जन्म शताब्दि वर्ष 2025 को वृक्ष सुरक्षा वर्ष के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया। रैणी गांव में पौधरोपण भी किया गया। इसके बाद चिपको चेतना यात्रा तपोवन पहुंची। यहां जागरूकता रैली आयोजित की गई, जबकि ज्योतिर्मठ में चेतना सम्मेलन व चेतना रैली आयोजित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। वहीं गोपेश्वर में जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यात्रा के जिला संयोजक पेड़ वाले गुरुजी धन सिंह घरिया ने बताया कि यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए 30 मार्च को ऋषिकेश में संपन्न होगी।
कहा कि गौरा देवी की शताब्दी व चिपको आंदोलन के 52 वर्ष पूर्ण होने को वृक्ष सुरक्षा सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। यात्रा में पर्यावरण से जुड़े कई लोग शामिल हो रहे हैं।