इस वर्ष बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा में पुलिस ने गेट सिस्टम बंद कर दिया है। अब सात सात बजे तक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम जा सकेंगे। यात्रा मार्ग के डेंजर जोन पर वन वे सिस्टम लागू होगा। पुलिस के जवान यात्रा मार्ग पर अतिथि देवो भव का पालन करते हुए तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए तैयार रहेंगे।
पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी ने बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि पहली बार बदरीनाथ यात्रा रूट पर कर्णप्रयाग और जोशीमठ में जल पुलिस की टुकड़ी तैनात रहेगी। धाम में दो पुलिस निरीक्षक, 40 पुलिस सब इंस्पेक्टर, 25 हेड कांस्टेबल, चार महिला पुलिस एसआई, 75 कांस्टेबल, 25 महिला कांस्टेबल तैनात रहेंगी। यात्रायात व्यवस्था के लिए दो महिला कांस्टेबल सहित ट्रैफिक पुलिस के दस जवान मौजूद रहेंगे।
इसके साथ ही एक कंपनी पीएसी और तीन टीम एसडीआरएफ की तैनात रहेंगी। गौचर से बदरीनाथ तक पुलिस थाना व चौकियों में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक प्रियदर्शिनी ने कहा कि धाम में तीर्थयात्रियों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा रूट पर ट्रैफिक प्लान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
एसपी ने कहा कि बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ और रड़ांग बैंड में वन वे सिस्टम लागू किया जाएगा। पांडुकेश्वर और जोशीमठ में किसी भी प्रकार का गेट सिस्टम इस बार नहीं रखा जाएगा। बीते अप्रैल माह में शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 30 चालकों का मौके पर ही चालान किया गया है। जबकि 1634 चालकों का चालान और 34 वाहन सीज कर दिए गए हैं।