ब्लाक के 40 से अधिक गांवों में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है। भिकोना, चांदनीखाल, किमोठा, हापला घाटी के साथ ही मोहनखाल क्षेत्र में डेढ़ माह से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीण लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रसोई गैस का ट्रक आने की प्रत्याशा में खाली सिलेंडरों के साथ सड़क पर पहुंच रहे हैं, लेकिन ट्रक न पहुंचने पर घरों को लौट रहे हैं।
हापला घाटी में सड़क बंद होने के कारण पोखरी के गांवों रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने कर्णप्रयाग-पोखरी सड़क से क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति की मांग उठाई। ताजवर सिंह, भगत भंडारी, राजेंद्र सिंह, हुकुम सिंह नेगी, ताजवर बर्त्वाल, जीत सिंह नेगी, आलम सिंह, बीरेंद्र सिंह और सुरेंद्र सिंह का कहना है कि मई माह से पोखरी क्षेत्र में रसोई गैस का आवंटन नहीं हो पाया है। साथ ही मिट्टी तेल का आवंटन भी कई सालों से नहीं हुआ है, जिससे लकड़ी के चूल्हों पर खाना पकाने को मजबूर हैं। इधर, जिला पूर्ति अधिकारी किशोरी लाल शाह का कहना है कि शीघ्र पोखरी क्षेत्र में रसोई गैस का आवंटन करवाया जाएगा।