विधि-विधान से मंगलवार को जोशीमठ में गरुड़ छाड़ पूजा संपन्न हुई। वैदिक मान्यताओं के अनुसार गरुड़ छाड़ उत्सव के बाद भगवान बदरीनारायण अदृश्य रूप में अपने वाहन गरुड़ में बैठकर बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं। कोरोना संकट के चलते सांकेतिक रूप से रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने भगवान गरुड़ व विष्णु भगवान की पूजा की। सूक्ष्म रूप से यह आयोजन संपन्न किया गया।