क्षेत्र पंचायत की बैठक में मंगलवार को सदस्यों ने गैरसैंण को जिला बनाए जाने का प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया। उन्होंने बैठक में मौजूद विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से जल्द गैरसैंण जिले के गठन की मांग की। सदन में सदस्यों के मानदेय, राज्य वित्त के बजट में कटौती सहित अन्य समस्याएं भी उठाई गई।
विकासखंड सभागार में ब्लाक प्रमुख सुमति बिष्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने कालीमाटी और दिवालीखाल में अनियमित बिजली की आपूर्ति की समस्या उठाई। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र कंडारी ने विकास योजनाओं के लिए जारी राज्य वित्त की राशि में की गई भारी कटौती के मुद्दे को सदन में रखा।
सदस्यों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राजस्व ग्रामों को मिलने वाली धनराशि न मिलने पर रोष जताते हुए कहा कि धनराशि नहीं मिलने से गांवों में पेयजल, स्वच्छता, रास्तों की वैकल्पिक सफाई व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। यही नहीं सदस्यों ने सड़क, और स्वास्थ्य की समस्याओं को भी प्रमुखता से सदन में रखा।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि राज्य गठन के 12 साल बाद किसी सरकार ने गैरसैंण की सुध ली है, ऐसे में लोगों का कर्तव्य बनता है कि जो सरकार काम करे उसकी सराहना होनी चाहिए। सुविधाओं के विकास के लिए गैरसैंण को जिला बनाए जाने की मांग का भी कुंजवाल ने समर्थन किया।
बैठक में जिलाधिकारी वीके सुमन, सीडीओ मंगेश घिल्डियाल, एसडीएम स्मृता परमार, सीएमओ डा. विराज शाह, बीडीओ केसी जोशी सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधान और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।