बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रियाएं बुधवार से शुरू हो गई हैं। पांडुकेश्वर में पूजा-अर्चना के बाद गाडू घड़ी यात्रा टिहरी राज दरबार के लिए प्रस्थान कर गई है। 12 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी।
डिम्मर गांव में बुधवार को पंच पूजा के बाद डिमरी पंचायत के सनत कुमार डिमरी, ज्योतिष डिमरी, अरविंद और हेमचंद्र डिमरी नृसिंह मंदिर जोशीमठ से गाडू घड़ी को लेकर पांडुकेश्वर रवाना हुए।
परंपरा के अनुसार पांडुकेश्वर योग ध्यान मंदिर और कुबेर चौक में कम्दी थोक के भागवत पंवार सहित तीर्थ पुरोहितों एवं क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा शंख ध्वनि के साथ पूजा अर्चना की गई। इसके उपरांत डिमरी पंचायत के हक हकूकधारी गाडू घड़ी को लेकर पुन: डिम्मर गांव के लिए रवाना हुए। शाम पांच बजे यात्रा डिम्मर गांव पहुंची।
बृहस्पतिवार को गाडू घड़ी को टिहरी राजदरबार ले जाया जाएगा, जहां 12 फरवरी बसंत पंचमी के दिन बदरीविशाल जी के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इस मौके पर कम्दी थोक के गोविंद सिंह पंवार, मेहता थोक के गोविंद मेहता, भंडारी थोक के जगत सिंह भंडारी, किशोर पंवार, चंद्र सिंह कम्दी, दिगंबर पंवार और जसवीर मेहता आदि मौजूद थे।