गोपेश्वर। पूर्व कुलपति डॉ. यूएस रावत उत्तराखंड क्रांति दल में शामिल हो गए हैं। लंबे समय से उनके किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। उन्होंने इन अटकलों को विराम देते हुए उक्रांद का दामन थाम लिया है।
उत्तराखंड विधानसभा के चुनावों में भले ही अभी समय हो लेकिन राजनीतिक दलों ने सक्रियता बढ़ा दी है। डॉ. यूएस रावत के राजनीति में आने को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी। डॉ. रावत ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय दलों में जाने के बजाय स्थानीय दल में शामिल होने को प्राथमिकता दी है। उत्तराखंड के विकास और यहां के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्षेत्रीय दलों को मजबूत किया जाना जरूरी है। उक्रांद हमेशा स्थानीय मुद्दों, जल, जंगल, जमीन, मूल निवास, भू कानून को लेकर राजनीति करता है। उत्तराखंड के हित में इन मुद्दों का हल होना बहुत जरूरी है। संवाद