बिरही-निजमुला मार्ग पर बिरही नदी के किनारे नर्सरी की आड़ में खुलेआम खनन हो रहा है। चमोली रेंज के अधिकारियों की ओर से ही यहां जेसीबी से खनन किया जा रहा है। बिरही नदी के किनारे खनन कर अटके पत्थरों को ठिकाने लगाया जा रहा है। इससे जहां निजमुला सड़क को खतरा हो गया है, वहीं, छोटी-छोटी वनस्पतियां भी नष्ट हो रही हैं। वन अधिकारी खनन के लिए सरकार को रॉयल्टी देने का दावा कर रहे हैं।
वन विभाग की नर्सरी के समीप इन दिनों बिरही नदी के किनारे पत्थरों का खनन जोरों पर है। यहां जेसीबी से नदी तक पहुंच मार्ग भी बनाया जा रहा है। उसके बाद यहां खनन का दायरा बढ़ जाएगा। जेसीबी के खनन से निजमुला घाटी को जोड़ने वाला एकमात्र मोटर मार्ग का निचला हिस्सा भी खोखला हो गया है। बारिश होने पर सड़क से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण और जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी का कहना है कि बिरही में वन विभाग के अधिकारी खुलेआम खनन कर रहे हैं। इस अवैध कार्य को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शीघ्र इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बिरही नर्सरी के समीप चल रहा पत्थर निकालने के काम की विभागीय अनुमति है। यहां पत्थर निकालने के बाद नदी की ओर से सुरक्षा दीवार निर्माण किया जाएगा। नर्सरी का भी विस्तार किया जाएगा। खनन से यदि निजमुला सड़क क्षतिग्रस्त होती है तो इसमें वन विभाग कहीं जिम्मेदार नहीं है।- एनएन पांडेय, उप वन संरक्षक, बदरीनाथ वन प्रभाग, गोपेश्वर।
प्रमोद सेमवाल