गांव के निचले हिस्से में नंदाकिनी नदी से हो रहा भू-कटाव
गोपेश्वर। आपदा का दंश झेल रहे मंगरोली गांव के नदी साइड अभी तक बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं होने से नंदाकिनी से हो रहा भू-कटाव रुक नहीं रहा है। वर्ष 2020 में सिंचाई विभाग ने जिला आपदा प्रबंधन को यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य का इस्टीमेट सौंपा था, लेकिन आज तक इस इस्टीमेट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों को भू-कटाव का डर सता रहा है। यहां 12 मकान भू-कटाव की जद में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं किए गए, तो आंदोलन किया जाएगा।
वर्ष 2013 की आपदा के दौरान नंदाकिनी में बाढ़ आने से मंगरोली गांव की सिंचाई नहर बह गई थी। भू-कटाव भी शुरू हुआ। जिला प्रशासन ने यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य करने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया था। पूर्व प्रधान तेजवीर कंडेरी का कहना है कि 2020 में सिंचाई विभाग ने गांव के निचले हिस्से में बाढ़ सुरक्षा कार्य का इस्टीमेट जिला आपदा प्रबंधन को सौंपा था, लेकिन इस पर अभी तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मकानों को कटाव का खतरा बना हुआ है। प्रभावित लक्ष्मण सिंह कंडेरी, गुड्डू राजा, मंगल सिंह कंडेरी, संजय कंडेरी, सौरभ फरस्वाण, दरवान सिंह कंडेरी, सूरज कंडेरी, अब्बल सिंह कंडेरी, अवतार सिंह, गजेंद्र सिंह, भुवनेश्वरी देवी और राम सिंह कंडेरी का कहना है कि कई बार प्रशासन को नदी तट से बाढ़ सुरक्षा कार्य करने की मांग उठाई गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। इधर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि मंगरोली गांव के निचले क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाए जाएंगे। सिंचाई विभाग से इस संबंध में वार्ता की जाएगी।