चीन सीमा पर स्थित द्रोणागिरी गांव में याकों के मरने की संख्या पांच हो गई है। पशु पालन विभाग की टीम ने क्षेत्र में पांच याकों के मरने की पुष्टि की है।
पशु चिकित्सकों ने पांचों याकों का शव जला दिया है। प्रथम दृष्टया याकों की मौत हिमखंड की चपेट में आने से हुई लग रही है। पशु चिकित्सक डा. नवीन पांडे के नेतृत्व में पशु पालन विभाग के कर्मचारियों की टीम द्रोणागिरी गांव पहुंची।
टीम के सदस्यों को तीन याक गोशाला, एक हिमखंड और एक खेत में मृत मिले। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. लोकेश कुमार ने बताया कि याकों की मौत करीब चार माह पूर्व हुई है, जिससे उनके शव सड़ गए थे।