पांच और एक हजार का नोट बंद होने के बाद इन नोटों की बंदरबांट भी शुरू हो गई है। जिले में जगह-जगह रामलीलाओं सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में नेतागण और धनाढ्य लोग इन नोटों को लुटाकर वाहवाही लूट रहे हैं। आयोजक भी इन नोटों को हाथों-हाथ लेकर नेताओं के गुणगान में लगे हुए हैं।
चमोली जिले में इन दिनों रामलीला, पांडव लीला, जीतू बगड़वाल सहित कई धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों का शुभारंभ करने के लिए आयोजक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर रहे हैं। नेतागण बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रमों में बीस से पच्चीस हजार तक दे रहे हैं।
इनमें ज्यादातर पांच और हजार के ही नोट शामिल हैं। रामलीला आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि पांच और हजार के नोट बैंकों में आसानी से बदले जा रहे हैं। नोट बंद होने से नेतागण दिल खोलकर आयोजनों में धनराशि दान स्वरूप दे रहे हैं।
भाजपा के दशोली ब्लॉक महामंत्री नीलम सिंह का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विधायक के संभावित प्रत्याशी इन दिनों अपने-अपने क्षेत्रों में हो रहे आयोजनों में बतौर मुख्य अतिथि पहुंच रहे हैं। दानस्वरूप मिलने वाली धनराशि से रामलीला आयोजन समिति को जबरदस्त मुनाफा हो रहा है।