पीपलकोटी। बंड क्षेत्र के नोरख गांव में 11 दिनों से चल रही पांडव नृत्य लीला के अंतिम दिन पांडव परिवार के अवतारी पुरुषों ने अपने अस्त्र-शस्त्र मंदिर में स्थापित किए। महिलाओं ने जागर राजी खुशी राख्या पंडों देवता, भरदेई अन्न, धन का कुठार... गीत से पांडव देवताओं को विदाई दी। ग्रामीणों ने पांच साल बाद फिर से पांडव लीला करने का संकल्प लिया। नोरख गांव में पांडव नृत्य लीला में प्रवासी ग्रामीण भी शामिल हुए। 11 दिनों तक पांडव परिवार के अवतारी पुरुषों ने घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। अंतिम दिन ढोल-दमाऊं की थाप पर पांडवों ने अद्भुत नृत्य किया। इस मौके पर पांडव नृत्य लीला समिति के संयोजक जसवंत सिंह राणा, मुख्य पुजारी जयकृष्ण जोशी, राकेश जोशी, सोहन नेगी, आशीष सती, पुष्कर नेगी और प्रमोद राणा आदि मौजूद रहे। संवाद