महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में अब बिना आधार नंबर लिंक हुए और फोटो स्कैन हुए भुगतान नहीं हो सकेगा। विकास विभाग ऐसे सभी जॉब कार्डों को निरस्त करेगा, जिनके आधार नंबर और फोटो युक्त जॉबकार्ड स्कैन होकर ऑनलाइन नहीं होंगे। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे फर्जी जॉब कार्डों पर रोजगार करने या भुगतान करने की गतिविधियां समाप्त हो जाएंगी।
जिले के नौ ब्लाकों में 72627 जॉबकार्ड मनरेगा योजना के तहत पंजीकृत हैं। योजना के तहत सभी पंजीकृत परिवारों में दर्ज श्रमिक वर्ष भर में 100 दिन का रोजगार विभाग से मांगते हैं। इसके तहत विभाग गांवों में कृषि सुधारीकरण, रास्तों की मरम्मत आदि निर्माण कार्य होते हैं। गांवों में स्वच्छता के लिए शौचालयों का निर्माण भी विभाग मनरेगा में कर रहा है।
योजना के तहत प्रत्येक श्रमिक को प्रति दिन 174 रुपये के श्रमांश का भुगतान किया जाता है, लेकिन फर्जी जॉबकार्डों पर श्रमांश का भुगतान होने की शिकायतें कई सालों से उठती रही हैं। ऐसे में विभाग अब जॉबकार्डों का सत्यापन कर रहा है। इसमें पंजीकृत लोगों के आधार नंबर, बैंक खाता नंबर और फोटो ली जा रही है। खंड विकास अधिकारी एनएस चौहान का कहना है कि जल्द सभी जॉब कार्डों का सत्यापन किया जाएगा, जिससे योजना में जरूरतमंद और सही जॉबकार्ड धारी को योजना के तहत रोजगार मिल पाएगा और योजना में भ्रष्टाचार समाप्त हो सकेगा।
इंसेट
ब्लाक पंजीकृत जॉबकार्ड
दशोली - 10112
देवाल - 6027
गैरसैंण - 10993
घाट - 7708
जोशीमठ - 6847
कर्णप्रयाग - 8854
नारायणबगड़ - 7235
पोखरी - 8167
थराली - 6684