चार नवंबर से होने वाले किसान मेले की तैयारियों के लिए हुई बैठक में भाजपा और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में नोक-झोंक हुई। बमुश्किल बैठक शांत हुई और बैठक के समापन पर मेले को भव्य तरीके से करने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को ब्लाक सभागार में आयोजित किसान मेले की तैयारी बैठक प्रमुख सुमति बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में तब माहौल गरमा गया जब मेला उद्घाटन के लिए मुुख्यमंत्री हरीश रावत को निमंत्रण देने का प्रस्ताव आया। जिस पर पूर्व प्रमुख और भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि सीएम की अधिकांश घोषणाएं धरातल पर नहीं उतरी।
यदि सीएम मेले में पहुंचे तो सीएम को काले झंडे दिखाए जाएंगे। इस पर बैठक में मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता भड़क गए और आरोप लगाते हुए कहा कि गैरसैंण शिक्षा विभाग का निदेशालय, ढोल दमाऊं प्रशिक्षण केंद्र सहित गैरसैंण के लिए भाजपा की ओर से की गई एक भी घोषणा धरातल पर नहीं उतरी है। बैठक में लंबे समय तक आरोप प्रत्यारोपों का दौर चलता रहा।
बमुश्किल भाजपा और कांग्रेसी शांत हुए। इसके बाद निर्णय लिया गया कि मेला का शुभारंभ सीएम हरीश रावत, दूसरे दिन कृषि मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, तीसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और समापन पर सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह विष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा सिंह पंवार, प्रधान संघ के अध्यक्ष महावीर सिंह बिष्ट, वीरेंद्र टम्टा, बृजमोहन पंत, महेंद्र पंवार और धनीराम आदि मौजूद रहे।